जिंदगी देने वाले ने ही जब हिस्सों में बाँट दी हो जिंदगी
फिर किस्सों को सुनाने से भी क्या हासिल बता ऐ जिंदगी...
यूँ ही फ़ैल गयी हवाओं में तेरी पायल की खनखनाहट,
के हर पत्ता अब बस तेरी आवाज़ सुनाये जाता है...
गम के कतरों पे जीने वाले लम्बी उम्र मांग के लाते हैं,
हंसी को साथ रखने वाले तो यूँ भी जल्द चले जाते हैं,
किसने साथ दिया जिंदगी भर "बलदेव" इक गम के सिवा,
यादों और वादों पे जीने वाले तो अक्सर ही धोखा खाते हैं...
शिकस्त थी ही नहीं मगर दे दी गयी है,
ऐ जीतने वाले मेरी किस्मत तुझे दे दी गयी है..
लबों पे सिर्फ अफसाना और चंद फरियादें हैं,
मेरे दुश्मनों को मेरी शोहरत भी दे दी गयी है..
जिंदगी को सफ़ेद चादर बना
ओड कर बैठ गए थे इक कोने में,
जिंदगी ने समझ लिया के अब शायद..
वक़्त आ गया अब इस चादर में सिमटने का..
