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रविवार, मार्च 13, 2011

किस्सों को सुनाने से भी क्या हासिल बता ऐ जिंदगी...

जिंदगी देने वाले ने ही जब हिस्सों में बाँट दी हो जिंदगी
फिर किस्सों को सुनाने से भी क्या हासिल बता ऐ जिंदगी...


यूँ ही फ़ैल गयी हवाओं में तेरी पायल की खनखनाहट,
के हर पत्ता अब बस तेरी आवाज़ सुनाये जाता है...


गम के कतरों पे जीने वाले लम्बी उम्र मांग के लाते हैं,
हंसी को साथ रखने वाले तो यूँ भी जल्द चले जाते हैं,
किसने साथ दिया जिंदगी भर "बलदेव" इक गम के सिवा,
यादों और वादों पे जीने वाले तो अक्सर ही धोखा खाते हैं...


शिकस्त थी ही नहीं मगर दे दी गयी है,
ऐ जीतने वाले मेरी किस्मत तुझे दे दी गयी है..
लबों पे सिर्फ अफसाना और चंद फरियादें हैं,
मेरे दुश्मनों को मेरी शोहरत भी दे दी गयी है..


जिंदगी को सफ़ेद चादर बना 
ओड कर बैठ गए थे इक कोने में,
जिंदगी ने समझ लिया के अब शायद..
वक़्त आ गया अब इस चादर में सिमटने का..

4 टिप्‍पणियां:

  1. .

    शिकस्त थी ही नहीं मगर दे दी गयी है,
    ऐ जीतने वाले मेरी किस्मत तुझे दे दी गयी है..
    लबों पे सिर्फ अफसाना और चंद फरियादें हैं,
    मेरे दुश्मनों को मेरी शोहरत भी दे दी गयी है..


    आपकी रचनायें , भावुक कर देती हैं । बेहतरीन प्रस्तुति ।

    .

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  2. शुक्रिया डॉ. दिव्या, शायद यही आपका नाम है, अगर कोई गलती हो रही हो तो माफ़ी चाहूँगा..ये तो वाकई आप सभी लोगों का प्यार है जो मेरे शब्दों को आप लोग अपने दिल के नज़दीक महसूस करते हैं.. मैं स्वयं आपका ब्लॉग देख रहा था और मुझे ख़ुशी हुई के मुझे वो सब पड़ने का मौका मिला... एक बार फिर से आपका बहुत बहुत धन्यवाद..

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  3. shabdon ke madhayam se bhavnao ka bahta dariya hai aap...hriday sparshi rachana

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  4. shukriya Kavita. apka ye jo pyar aur sneh hai, ye isi prakar banaa rahe iske liye main sadaiv praarthi rahunga.

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